1.अवकल समीकरण में प्राचल विचरण विधि (Method of Variation of Parameter in DE),द्वितीय कोटि के रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations of Second Order):
अवकल समीकरण में प्राचल विचरण विधि (Method of Variation of Parameter in DE) विशिष्ट समाकल ज्ञात करने के लिए यह विधि सशक्त है।यह विधि उस रैखिक अवकल समीकरण का पूर्ण हल ज्ञात करने के प्रयोग में ली जाती है,जिसका सम्पूर्ण पूरक-फलन ज्ञात हो।हमने पूर्व में एक ऐसी विधि का अध्ययन किया जिसमें पूरक-फलन का केवल एक भाग होना आवश्यक था।अतः वह विधि इस विधि से ज्यादा अच्छी है क्योंकि इसमें सम्पूर्ण पूरक-फलन ज्ञात होना आवश्यक है जबकि उसमें इसका केवल एक भाग ही ज्ञात होना आवश्यक है।यह विधि उन समीकरणों का हल ज्ञात करने के प्रयोग में ली जाती है जहाँ उसका विशिष्ट समाकलन (P.I.) ज्ञात करना कठिन हो। आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके । यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए । आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।
2.अवकल समीकरण में प्राचल विचरण विधि के साधित उदाहरण (Method of Variation of Parameter in DE Solved Examples):
निम्नलिखित अवकल समीकरणों को हल कीजिए: (Solve the following differential equations): Example:1. dx2d2y+4y=4tan2x Solution: dx2d2y+4y=4tan2x⋯(1) दिए हुए समीकरण का पूरक-फलन (C.F.) होगाः
y=c1′cos2x+c2′sin2x⋯(2) मान लो दिए हुए समीकरण का पूर्ण हल हैः
y=Acos2x+Bsin2x⋯(3) जहाँ A तथा B,x के फलन हैं।
dxdy=−2Asin2x+2Bcos2x+cos2xdxdA+sin2xdxdB⋯(4) माना cos2xdxdA+sin2xdxdB=0⋯(5) तब dxdy=−2Asin2x+2Bcos2x तथा x2d2y=−4Acos2x−4Bsin2x−2sin2xdxdA+2cos2xdxdB⋯(6) अब (3) से y तथा इसके अवकलजों (derivatives) के मान समीकरण (1) में रखने परः
−4Acos2x−4Bsin2x−2sin2xdxdA+2cos2xdxdB+4Acos2x+4Bsin2x=4tan2x−2A1sin2x+2B1cos2x=4tan2x⇒−2A1sin2x+2B1cos2x−4tan2x=0⋯(7)A1cos2x+B1sin2x+0=0⋯(5) (7) व (5) को हल करने परः 0+4sin2xtan2xA1=−4cos2xtan2x+0B1=−2sin22x−2cos22x1⇒2sin2xtan2xA1=−2cos2xtan2xB1=1−1A1=−2sin2xtan2x तथा B1=2sin2x इनका समाकलन करने परः
dxdA=−2sin2xtan2x⇒∫dA=−2∫sin2xtan2xdx⇒A=−2sin∫cos2xsin22xdx⇒A=−2∫cos2x1−cos22xdx⇒A=−2∫sec2xdx+2∫cos2xdx⇒A=−log(sec2x+tan2x)+sin2x+C3B1=2sin2xdxdB=2sin2x∫dB=∫2sin2xdx⇒B=−cos2x+c4 A व B का मान समीकरण (3) में रखने परः
y=[(−log(sec2x+tan2x)+sin2x+c3]cos2x+(−cos2x+c4)sin2x⇒y=c3cos2x+c4sin2x−log(sec2x+tan2x) Example:2(a). dx2d2y+y=cosecx Solution:dx2d2y+y=cosecx⋯(1) दिए हुए समीकरण का पूरक-फलन (C.F.) होगाः
y=acosx+bsinx⋯(2) मान लो दिए हुए समीकरण का पूर्ण हल हैः
y=Acosx+Bsinx⋯(3) जहाँ A तथा B,x के फलन हैं।
dxdy=−Asinx+Bcosx+cosxdxdA+sinxdxdB⋯(4) माना cosxdxdA+sinxdxdB=0⋯(5) तब dxdy=−Asinx+Bcosx तथा dx2d2y=−Acosx−Bsinx−sindxdA+cosxdxdB⋯(6) अब (3) से y तथा इसके अवकलजों (derivatives) के मान समीकरण (1) में रखने परः
−Acosx−Bsinx−sinxdxd+cosxdxdB+Acosx+Bsinx=cosecx⇒−A1sinx−B1cosx−cosecx=0⋯(7)A1cosx+B1sinx+0=0⋯(5) (7) व (5) को हल करने परः 0+1A1=−cotx+0B1=−sin2x−cos2x1⇒1A1=−cotxB1=−11⇒A1=−1 तथा B1=cotx इनका समाकलन करने परः
dxdA=−1⇒∫dA=−∫dx⇒A=−x+c1dxdB=cotx⇒∫dB=∫cotxdx⇒B=logsinx+c2 A व B का मान समीकरण (3) में रखने परः
y=(−x+c1)cosx+(logsinx+c2)sinx⇒y=c1cosx+c2sinx−xcosx+sinxlogsinx Example:2(b). dx2d2y+a2y=cosecax Solution:dx2d2y+a2y=cosecax⋯(1) दिए हुए समीकरण का पूरक-फलन (C.F.) होगाः
y=c′cosax+c′′sinax⋯(2) मान लो दिए हुए समीकरण का पूर्ण हल हैः
y=Acosax+Bsinax⋯(3) जहाँ A तथा B,x के फलन हैं।
dxdy=−Aasinax+Bacosax+cosaxdxdA+sinaxdxdB⋯(4) माना cosaxdxdA+sinaxdxdB=0⋯(5) तब dxdy=−Aasinax+Bacosax तथा dxdy=−Aa2cosax−Ba2sinax−asinaxdxdA+acosaxdxdB⋯(6) अब (3) से y तथा इसके अवकलजों (derivatives) के मान समीकरण (1) में रखने परः
−Aa2cosax−Ba2sinax−asinaxdxdA+acosaxdxdB+Aa2cosax+Ba2sinax=cosecax⇒−A1asinax+B1acosax−cosecax=0⋯(7)A1cosax+B1sinax+0=0⋯(5) (7) व (5) को हल करने परः 0+1A1=−cotax+0B1=−asin2ax−acos2ax1⇒1A1=−cotaxB1=−a1⇒A1=−a1 तथा B1=a1cotax इनका समाकलन करने परः
dxdA=−a1⇒∫dA=a1∫1dx⇒A=−ax+c1dxdB=a1cotax⇒∫dB=a1∫cotaxdx⇒B=a21log(sinax)+c2 A व B का मान समीकरण (3) में रखने परः
y=(−ax+c1)cosax+(a21log(sinx)+c2)⇒y=c1cosax+c2sinax−axcosax+a21sinaxlog(sinax) Example:3. dx2d2y−3dxdy+2y=1+exex Solution: dx2d2y−3dxdy+2y=1+exex⋯(1) दिए हुए समीकरण का पूरक-फलन (C.F.) होगाः
y=aex+be2x⋯(2) मान लो दिए हुए समीकरण का पूर्ण हल हैः
y=Aex+Be2x⋯(3) जहाँ A तथा B,x के फलन हैं।
dxdy=Aex+2Be2x+exdxdA+e2xdxdB⋯(4) माना exdxdA+e2xdxdB=0⋯(5) तब dxdy=Aex+2Be2x तथा dx2d2y=Aex+4Be2x+exdxdA+2e2xdxdB⋯(6) अब (3) से y तथा इसके अवकलजों (derivatives) के मान समीकरण (1) में रखने परः
Aex+4Be2x+exdxdA+2e2xdxdB−3Aex−6Be2x+2Aex+2Be2x=1+exex⇒A1ex+2B1e2x−1+exex=0…(7)A1ex+B1e2x+0=0…(5) (7) व (5) को हल करने परः 1+exe3xA1=−1+exe2x+0B1=e3x−2e3x1(1+exe3x)A1=(1+ex−e2x)B1=−e3x1⇒A1=−1+ex1तथाB1=1+exex इनका समाकलन करने परः
dxdA=−1+ex1⇒∫dA=∫−1+ex1dx⇒A=∫−1+e−xe−xdx⇒A=log(1+e−x)+c1dxdB=ex(1+ex)1⇒∫dB=(1+ex)ex1⇒B=−e−x+log(1+e−x)+c2 A व B का मान समीकरण (3) में रखने परः
Example:4. dx2d2y−2dxdy=exsinx Solution: dx2d2y−2dxdy=exsinx⋯(1) दिए हुए समीकरण का पूरक-फलन (C.F.) होगाः
y=a+be2x…(2) मान लो दिए हुए समीकरण का पूर्ण हल हैः
y=A+Be2x⋯(3) जहाँ A तथा B,x के फलन हैं।
dxdy=2Be2x+dxdA+e2xdxdB⋯(4) माना dxdA+e2xdxdB=0⋯(5) तब dxdy=2Be2x तथा dx2d2y=4Be2x+2e2xdxdB⋯(6) अब (3) से y तथा इसके अवकलजों (derivatives) के मान समीकरण (1) में रखने परः
4Be2x+2e2xdxdB−4Be2x=exsinx⇒0⋅A1+2B1e2x−exsinx=0⋯(7)A1+B1e2x+0=0⋯(5) (7) व (5) को हल करने परः
0+e3xsinxA1=−exsinx+0B1=0−2e2x1⇒e3xsinxA1=−exsinxB1=−2e2x1A1=−21exsinx तथा B1=e−xsinx
इनका समाकलन करने परः
dxdA=−21exsinx∫dA=−21∫exsinxdx⇒A=−41exsinx+41excosx+c1dxdB=e−xsinx⇒∫dB=∫e−xsinxdx⇒B=−41e−x−41e−xcosx+c2 A व B का मान समीकरण (3) में रखने परः
y=−41exsinx+41excosx+c1+(−41e−x−41e−xcosx+c2)e2x⇒y=c1+c2e2x−21exsinx Example:5. (1−x2)dx2d2y−4xdxdy−(1+x2)y=x Solution:(1−x2)dx2dx2−4xdxdy−(1+x2)y=x समीकरण को मानक रूप में रखने परः
dx2d2y−1−x24xdxdy−1−x21+x2y=1−x2x⋯(1) यहाँ P=−1−x24x तथा Q=−1−x21+x2,R=1−x2x अब सामान्य रूप में (Normal Form) में रखने के लिए u इस प्रकार चुनें कि
u=e−21∫Pdx=e−21∫(−1−2x4x)dx=e∫1−x22xdx=e−log(1−x2)⇒u=1−x21 अब (1) में y=vu रखने पर यह निम्न रूप में परिवर्तित हो जाता हैः
dx2d2V+IV=S⋯(2) जहाँ I=Q−41P2−21dxdP=−1−x21+x2−41×(1−x2)216x2+24[(1−x2)2(1−x2)⋅1−x(−2x)]=1−x2−(1+x2)−(1−x2)24x2+(1−x2)22+2x2=(1−x2)2−1+x4−4x2+2+2x2=(1−x2)21−2x2+x4=(1−x2)2(1−x2)2=1⇒I=1⇒I=uR=1−x211−x2x=x अतः (2) सेः dx2d2v+v=x⋯(3) समीकरण (3) का पूरक-फलन (C.F.) होगाः
v=Acosx+Bsinx⋯(4) जहाँ A तथा B,x के फलन हैं।
dxdv=−Asinx+Bcosx+cosxdxdA+sinxdxdB⋯(5) माना cosxdxdA+sinxdxdB=0⋯(6) तब dxdv=−Asinx+Bcosx तथा dx2d2v=−Acosx−Bsinx−sinxdxdA+cosxdxdB…(7) अब (4) से v तथा इसके अवकलजों (derivatives) के मान समीकरण (3) में रखने परः
−Acosx−Bsinx−sinxdxdA+cosxdxdB+Acosx+Bsinx=x⇒−A1sinx+B1cosx−x=0⋯(8)A1cosx+B1sinx+0=0…(6) (8) व (6) को हल करने परः 0+xsinxA1=−xcosx+0B1=−sin2x−cos2x1⇒xsinxA1=−xcosxB1=−11⇒A1=−xsinx तथा B1=xcosx इनका समाकलन करने परः
dxdA=−xsinx⇒∫dA=−∫xsinxdx⇒A=xcosx−sinx+c1dxdB=xcosx⇒∫dB=∫xcosxdx⇒B=xsinx+cosx+c2 A व B का मान समीकरण (4) में रखने परः
v=(x+cosx−sinx+c1)cosx+(xsinx+cosx+c2)sinx⇒v=x+c1cosx+c2sinx अतः समीकरण (1) का पूर्ण हल हैः
y=vx⇒y=(x+c1cosx+c2sinx)(1−x21) Example:6. (1−x2)dx2d2y+xdxdy−y=x(1−x2)23 Solution: (1−x2)dx2d2y+xdxdy=x(1−x2)23 समीकरण को मानक रूप में रखने परः
dx2d2y+1−x2xdxdy−1−x2y=x1−x2⋯(1)
यहां P=1−x2x तथा Q=1−x2−1,R=x1−x2P+Qx=1−x2x−1−x2x=0 अतः y=x पूरक फलन का एक भाग है अतः दिए हुए समीकरण को निम्न रूप में लिखने परः
dx2d2y+1−x2xdxdy−1−x2y=0⋯(2) इसका पूर्ण हल हैः
y=vxdxdy=v+xdxdv तथा dx2d2y=xdx2d2v+2dxdv अब (3) से y तथा इसके अवकलजों के मान (2) में रखने परः
xdx2d2v+2dxdv+1−x2x(v+xdxdv)−1−x2vx=0⇒xdx2d2v+2dxdv+1−x2vx+1−x2x2dxdv−1−x2vx=0⇒xdx2d2v+(1+x21−x2)dxdv=0⇒dx2d2v+(x22+1−x2x)dxdv=0⋯(4) पुनः माना कि dxdv=p तब dx2d2v=dxdp (4) सेः dxdP+(x2+1−x2x)P=0⇒dP+(x2+1−x2x)dx=0 समाकलन करने परः
∫pdp+∫(x2+1−x2x)dx=0⇒logp+2logx−21log(1−x2)=logc1⇒logp+log1−x2x2=logc1⇒p=c1x21−x2⇒dxdv=c1x21−x2 पुनः समाकलन करने परः
⇒∫dv=c1∫x21−x2dx⇒v=c1[−1−x2(x1)−∫21(1−x2)−21(−2x)(−x1)dx]+c2⇒v=−c1[x1−x2+sin−1x+c2] अतः समीकरण (2) का पूरक फलन हैः
y=vx⇒y=−c1[1−x2+xsin−1x]−c1c2x माना y=A[1−x2+xsin−1x]+Bx⋯(5)dxdy=A[1−x2−x+1−x2x+sin−1x]+B+[1−x2+xsin−1x]dxdA+xdxdB⇒dxdy=Asin−1x+B+[1−x2+xsin−1x]dxdA+xdxdB⋯(6) माना [1−x2+xsin−1x]dxdA+xdxdB=0⋯(7) तब dxdy=Asin−1x+B तथा dx2d2y=1−x2A+sin−1xdxdA+dxdB⋯(8) अब (5) से y तथा इसके अवकलजों के मान समीकरण (1) में रखने परः
1−x2A+sin−1xdxdA+dxdB+(1−x2x)(Asin−1x+B)−1−x21[A(1−x2+xsin−1x)+Bx]=x1−x2⇒1−x2A+sin−1xdxdA+dxdB+1−x2Axsin−1x+1−x2Bx−1−x2A−(1−x2)Axsin−1x−1−x2Bx=x1−x2⇒A1sin−1x+B1−x1−x2=0⋯(9)A1[1−x2+x2sin−1x]+xB1=0⋯(7) (7) व (9) को हल करने परः
x21−x2A1=−x(1−x2)−x21−x2sinxB1=xsin−1x−1−x2−xsin−1x1⇒x21−x2A1=−x1−x2(1−x2+xsin−1x)B1=−1−x21⇒A1=−x2 तथा B1=x(1−x2+xsin−1x) इनका समाकलन करने परः
dA=−x2⇒∫dA=−∫x2dx⇒A=−31x3+c1dxdB=x1−x2+x2sin−1x∫dB=∫x1−x2dx+∫x2sin−1xdxB=∫x1−xdx+31x3sin−1x−∫31x3⋅1−x21dx+c2=∫x(1−x2)dx+31x3sin−1x+31∫1−x2x(1−x2−1)dx+c2=34∫x1−x2dx−31∫1−x2xdx+31x3sin−1x+c2=−3223(1−x2)23+31(1−x2)21+31x3sin−1x+c2B=−94(1−x2)23+31(1−x2)21+31x3sin−1x+c2 A तथा B का मान समीकरण (5) में रखने परः
y=(−31x3+c1)[(1−x2)+xsin−1x]+[−94(1−x3)23+31(1−x2)21+31x3sin−1x+c2]x=c1[1−x2+xsin−1x]+c2x+31x(1+x2)1−x2−94x(1−x2)23y=c1[(1−x2)+xsin−1x]+c2x−91x(1−x3)23 Example:7. x2dx2d2y−2x(1+x)dxdy+2(1+x)y=−4x5 Solution: x2dx2d2y−2x(1+x)dxdy+2(1+x)y=−4x5 दिए हुए समीकरण को मानक रूप में लिखने परः
dx2d2y−x2(1+x)dxdy+x22(1+x)y=−4x3⋯(1) दिए हुए समीकरण का पूरक-फलन (C.F.) ज्ञात करने के लिए सर्वप्रथम हम निम्न समीकरण को हल करेंगेः
dx2d2y−x2(1+x)dxdy+x22(1+x)y=0⋯(2) यहाँ P=x−2(1+x) तथा Q=x22(1+x)P+Qx=−x2(1+x)+x2(1+x)=0 अतः y=x पूरक फलन का एक भाग है।
मान लो समीकरण (2) का हल है y=vx⋯(3)dxdy=v+xdxdv तथा dx2d2y=xdx2d2v+dx2dv अब (3) से y तथा y के अवकलजों के मान (2) में रखने पर हमें प्राप्त होता हैः
xdx2d2v+dx2dv−x2(1+x)(v+xdxdv)+x2(1+x)v=0⇒xdx2d2v+2dxdv−x2(1+x)v−2(1+x)dxdv+x2(1+x)v=0⇒xdx2d2v−2xdxdv=0⇒dx2d2v−2dxdv=0⇒(D2−2D)v=0⇒m2−2m=0⇒m=0,2∴v=c1+c2⋅e2x अतः पूरक फलन y=vx=(c1+c2e2x)x⇒y=c1x+c2xe2x पुनः माना दिए हुए समीकरण का पूर्ण हल हैः
y=Ax+Bxe2x…(4)⇒dxdy=A+Be2x+2Bxe2x+xdxdA+xe2xdxdA मान लो xdxdA+xe2xdxdB=0⋯(5) तब dxdy=A+Be2x+2Bxe2x तथा dx2d2y=dxdA+dxdBe2x+4Be2x+2dxdBxe2x+4Bxe2x अब (4) से y तथा इसके अवकलजों (derivatives) के मान दिए हुए समीकरण (1) में रखने पर हमें प्राप्त होता हैः
dxdA+dxdBe2x+4Be2x+2dxdBxe2x+4Bxe2x−x2(1+x)(A+Be2x+2Bxe2x)+x22(1+x)(Ax+Bx2ex)=−4x3⇒dxdA+dxdBe2x+4Be2x+2dxdBxe2x+4Bxe2x−x2A−2A−2Be2x−2Be2x−4Be2x−4Bxe2x+x2A+2A+x2Be2x+2Be2x=−4x3A1+(1+2x)e2xB1+4x3=0⋯(6)A1x+xe2xB1+0=0⋯(5) (5) व (6) को हल करने परः −4x4e2xA1=4x4−0B1=xe2x−x(1+2x2)e2x1⇒−4x4e2xA1=4x4B1=−2x2e2x1⇒A1=2x2 तथा B1=−2x2e−2x इनका समाकलन करने परः
dxdA=2x2⇒∫dA=∫2x2dx⇒A=32x3+c1dxdB=−2x2e−2x⇒∫dB=∫(−2x2e−2x)dx⇒B=x2e−2x−2∫xe−2xdxB=x2e−2x+xe−2x+21e−2x+c2 A व B का मान समीकरण (4) में रखने परः
y=(32x3+c1)x+(x2e−2x+xe−2x+21e−2x+c2)xe2x⇒B=c1x+c2xe2x+32x4+x3+x2+21x उपर्युक्त उदाहरणों के द्वारा अवकल समीकरण में प्राचल विचरण विधि (Method of Variation of Parameter in DE),द्वितीय कोटि के रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations of Second Order) को समझ सकते हैं।
3.अवकल समीकरण में प्राचल विचरण विधि पर आधारित सवाल (Questions Based on Method of Variation of Parameter in DE):
निम्नलिखित अवकल समीकरणों को हल कीजिए: (Solve the following differential equations):
(1.) y2−3y1+2y=x2+e2x (2.)x2y2−2x(1+x)y1+2(x+1)y=x2 उत्तर (Answers): (1) y=c1ex+c2e2x+xe2x+(23)x+(47)+21x2−e2x (2) y=c3x−21x2+c2xe2x (जहाँ) c3=c1−41 उपर्युक्त सवालों को हल करने पर अवकल समीकरण में प्राचल विचरण विधि (Method of Variation of Parameter in DE),द्वितीय कोटि के रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations of Second Order) को ठीक से समझ सकते हैं।
4.अवकल समीकरण में प्राचल विचरण विधि (Frequently Asked Questions Related to Method of Variation of Parameter in DE),द्वितीय कोटि के रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations of Second Order) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:
प्रश्न:1.अवकल समीकरण में प्राचल विचरण से हल करने का सूत्र स्थापित करो। (Establish the Formula of Solution by Variation of Parameters in Differential Equation):
उत्तर:मान लो द्वितीय कोटि का रैखिक अवकल समीकरण निम्न हैः dx2d2y+pdxdy+Qy=R…(1) अब मान लो y=au+bv इसका पूरक फलन है,जहाँ a तथा b अचर राशियाँ हैं और u तथा v समीकरण dx2d2y+Pdxdy+Q⋅y=R⋯(1) के दो समाकल हल हैं तब dx2d2u+pdxdu+Qv=0⋯(2) तथा dx2d2v+Pdxdv+Qv=0⋯(3) स्पष्टतः y=au+bv समीकरण (1) का पूर्ण हल नहीं हो सकता।अतः यहाँ a तथा b अचर नहीं है परन्तु चर राशि हैं और a और b के स्थान पर अज्ञात फलन A(x) तथा B(x) रखकर इनके मान इस प्रकार ज्ञात करने का प्रयास करते हैं कि y=Au+Bv समीकरण (1) का पूर्ण हल हो। अब y=Au+Bv …. (4) का अवकलन करने पर dxdy=(Adxdu+udxdA)+(Bdudv+vdxdB)⋯(5) A तथा B दो अज्ञात फलन हैं अतः इनके सम्बद्ध करने वाले दो समीकरणों का ज्ञात होना आवश्यक है।मान लो A और B का चयन इस प्रकार करते हैं कि udxdA+vdxdB=0 या uA1+vB1=0⋯(6) तब (5) सेः dudy=Adxdu+Bdxdv⋯(7) इसका अवकलन करने परः dx2d2y=Adx2d2u+dxdA⋅dxdu+Bdxd2v+dxdB⋅dxdv⋯(8) अब y,dxdy तथा dx2d2y के मान क्रमशः (4),(7) व (8) से (1) में प्रतिस्थापित करने परः {Au2+Bv2+A1u1+B1v1}+P{Au1+Bv1}+Q(Au+Bv)=RA(u2+Pu1+Qu)+B(v2+Pv1+Qv)+A1u1+B1v1=R (2),(3) का प्रयोग करने परः A1u1+B1v1=R⋯(9) (6) व (9) को हल करने परः −vA1=uB1=uV1−vu1R अतः dxdA=A1=uv1−vu1−vR तथा dxdB=B1=uv1−vu1uR यहाँ देखा जा सकता है कि u तथा v एकघाततः स्वतन्त्र (Linearly Independent) हैं इसलिए uv1−vu1=∣∣uu1vv1∣∣=0 जो कि रोन्सकिअन (Wronskian) कहलाता है अतः A1 तथा B1 सीमित (finite) होंगे। A=−∫uv1−vu1vRdx=f(x)+c1 (मान लो) तथा B=∫uv1−vu1uRdx=g(x)+c2 (मान लो) A तथा B के मान (4) में रखने परः y=u.f(x)+v.g(x)+c1u+c2v जो कि समीकरण (1) का पूर्ण हल है।
प्रश्न:2.विचरण से क्या तात्पर्य है? (What Do You Mean by Variation?):
उत्तर:एक फंक्शन y का एक विचरण δy एक δy फंक्शन है जिसे नया फंक्शन y+δyदेने के लिए y में जोड़ा जाता है।विचरण का नाम कैलकुलस में इस संकेतन के परिणामस्वरूप अपनाया गया था जिसे लैंग्रेज (Lagrange) द्वारा लगभग 1760 में पेश किया गया था,जब एक चाप के साथ एक समाकल के मूल्य की तुलना पड़ौसी चाप के साथ इसके मूल्य से कई गई थी।
प्रश्न:3.प्राचल से क्या तात्पर्य है? (What Do You Mean by Parameter?):
उत्तरः(1.)गणितीय फलन में वह स्वेच्छ अचर अथवा चर जिसमें विभिन्न मान देने से किसी व्यापक फलन की विशिष्ट स्थितियाँ प्राप्त हो सके। (2.)स्वतन्त्र चर जिनके व्यंजकों के रूप में किसी समीकरण के चरों को व्यक्त किया जा सके। उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा अवकल समीकरण में प्राचल विचरण विधि (Method of Variation of Parameter in DE),द्वितीय कोटि के रैखिक अवकल समीकरण (Linear Differential Equations of Second Order) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अवकल समीकरण में प्राचल विचरण विधि (Method of Variation of Parameter in DE) विशिष्ट समाकल ज्ञात करने के लिए यह विधि सशक्त है।यह विधि उस रैखिक अवकल समीकरण का पूर्ण हल ज्ञात करने के प्रयोग में ली जाती है
About my self
I am owner of Mathematics Satyam website.I am satya narain kumawat from manoharpur district-jaipur (Rajasthan) India pin code-303104.My qualification -B.SC. B.ed. I have read about m.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.I have about 15 years teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science.
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