1.रैखिक बीजगणित में एकघाती आश्रितता (Linear Dependence in Linear Algebra),एकघाती स्वतन्त्रता और एकघाती आश्रितता (Linear Independence and Linear Dependence):
रैखिक बीजगणित में एकघाती आश्रितता (Linear Dependence in Linear Algebra) और एकघाती स्वतन्त्रता के बारे में अध्ययन करेंगे।इस आर्टिकल को पढ़ने से पूर्व रैखिक बीजगणित में एकघाती स्वतन्त्रता की परिभाषा तथा उस पर आधारित उदाहरणों का अध्ययन करना चाहिए। प्रमेय (Theorem):1.सदिश समष्टि V(F) में यदि सदिश v,v1,v2,v3,…,vn एकघाततः आश्रित हो तथा v1,v2,v3,…,vn एकघाततः स्वतन्त्र हो तो सदिश सदिशों v,v1,v2,v3,…,vn का एकघात संचय होता है। (If v,v1,v2,v3,…,vn of vector space V(F) are LD and v,v1,v2,v3,…,vn are LD, then V is linear combination of the set v,v1,v2,v3,…,vn .) उपपत्ति (Proof):यहाँ αv+α1v1+α2v2+……+αnvn=0,α,αi∈F जहाँ α,α1,α2,…,αn सभी शून्य नहीं हैं। अब यदि α=0 तो
v=(−1)α−1(α1v1+α2v2+…+αnvn) जिससे स्पष्ट है कि v; का एकघाततः संचय है। यदि α=0 तो α1v1+α2v2+⋯+αnvn=0⇒α1=α2=⋯=αn=0 [चूँकि v;v1,v2,…,vn एकघाततः स्वतन्त्र हैं] v,v1,v2,…,vn एकघाततः स्वतन्त्र हो जाते हैं जो कि दत्त कल्पना का खण्डन है। प्रमेय (Theorem):2.यदि किसी परिमित समुच्चय A का कोई उपसमुच्चय B, एकघाततः आश्रित (परतन्त्र) हो तो समुच्चय A भी एकघाततः (परतन्त्र) होता है। (If any subset B of a finite set A is LD then the set A is also LD.) उपपत्ति (Proof):माना A={v1,v2,……,vk,vk+1……,vn} तथा B={v1,v2,…,vk} तो B⊂A एवं B एकघाततः परतन्त्र है। इसलिए α1v1+α2v2+……+αkvk=0;αi∈F साथ ही सभी αi शून्य नहीं है।अतः
α1v1+α2v2+⋯+αkvk+αk+1vk+1+⋯+αnvn=0⋯(1) जहाँ αk+1=αk+2=……=αn=0 समीकरण (1) के सभी गुणांक शून्य नहीं हैं।अतः v1,v2,…,vn एकघाततः परतन्त्र हैं। प्रमेय (Theorem):3.यदि V(F) एक सदिश समष्टि है तथा S={V1,V2,…Vn} के परिमित शून्येतर सदिशों का एक सदिश समष्टि है तथा के परिमित शून्येतर सदिशों का एक उपसमुच्चय है,तो S एकघाततः परतन्त्र होगा यदि और केवल यदि S के कुछ अवयवों को शेष बचे अवयवों के एकघात संचय में व्यक्त किया जा सके (If V(F) is a vector space and S={V1,V2,…Vn} is a sub-set some non-zero vectors of V, then S is LD iff some of elements of S can be expressed as a linear combination of the others.) उपपत्ति (Proof):दिया हुआ है कि S={V1,V2,…Vn} एकघाततः परतन्त्र है,तब α1,α2,⋯,αn∈F (सभी शून्य नहीं) ऐसे विद्यमान है कि
α1v1+α2v2+⋯+αnvn=0⇒∑i=1nαivi=0 चूँकि S एकघाततः परतन्त्र है इसलिए कम से कम एक αi(i=1,2,…n) शून्य है।माना αi=0 तब
i=1Σnαivi=i=1,i=kΣnαivi+αkvk=0⇒vk=−i=1,i=kΣnαkαivk[∵αi∈F,αk=0∈F⇒αkαi∈F] जो कि vk को S के शेष सदिशों के एकघात संचय में व्यक्त करता है। विलोमतःमाना कोई vj∈S ऐसा सदिश है कि इसे S के शेष अवयवों के एकघात संचय में व्यक्त किया जा सकता है अर्थात् vj=β1v1+β2v2+⋯+βj−1vj−1+βj+1vj+1+……+βnvn जहाँ β1,β2,⋯,βn∈F⇒β1v1+β2v2+⋯+βj−1vj−1−1⋅βj……+βj+1vj+1+⋯+βnvn=0 फलतः कम से कम एक गुणांक −1=0 जिससे v1,v2,…,vn एकघाततः परतन्त्र हैं।अतः S एकघाततः परतन्त्र है। आपको यह जानकारी रोचक व ज्ञानवर्धक लगे तो अपने मित्रों के साथ इस गणित के आर्टिकल को शेयर करें।यदि आप इस वेबसाइट पर पहली बार आए हैं तो वेबसाइट को फॉलो करें और ईमेल सब्सक्रिप्शन को भी फॉलो करें।जिससे नए आर्टिकल का नोटिफिकेशन आपको मिल सके । यदि आर्टिकल पसन्द आए तो अपने मित्रों के साथ शेयर और लाईक करें जिससे वे भी लाभ उठाए । आपकी कोई समस्या हो या कोई सुझाव देना चाहते हैं तो कमेंट करके बताएं।इस आर्टिकल को पूरा पढ़ें।
2.रैखिक बीजगणित में एकघाती आश्रितता पर आधारित उदाहरण (Examples Based on Linear Dependence in Linear Algebra):
Example:1.सिद्ध कीजिए कि 2×3 आकार के मैट्रिक्स की सदिश समष्टि V(R) में निम्न मैट्रिक्स A,B तथा C एकघाततः स्वतन्त्र हैंः (Show that the following matrices in the vector space V(R) of all matrices of order 2×3 are LI):
A=[231−2−14],B=[1−210−35],C=[411−223] Solution:मान लो α1,α2,α3∈R ऐसे तीन अदिश विद्यमान हैं कि
α1A+α2B+α3C=0⇒α1[231−2−14]+α2[1−2−305]+α3[41−1−223]=0⇒[2α13α1α1−2α1α1α1]+[α2−2α2α20−3α25α2]+[4α3α3−α3−2α32α33α3]=[000000]⇒[2α1+α2+4α33α1−2α2+α3α1+α2−α3−2α1−2α3−α1−3α2+2α34α1+5α2+3α3]=[000000]2α1+α2+4α3=0…(1)α1+α2−α3=0⋯(2)−α1−3α2+2α3=0…(3)3α1−2α2+α3=0…(4)−2α1−2α3=0…(5)4α1+5α2+3α3=0…(6) हल करने परः α1=α2=α3=0 फलतः α1A+α2B+α3C=0⇒α1=α2=α3=0 अतः A,B,C एकघाततः स्वतन्त्र हैं। Example:2.सिद्ध करो कि सदिशों का वह समुच्चय जिसका एक अवयव शून्य सदिश है,सदैव एकघाततः आश्रित होगा। (Prove that a set of vectors which contains a zero vector is LD) Solution:माना कि v1=(a1,a2,a3),v2=(b1,b2,b3),v3=(0,0,0)αv1+βv2+γv3=0α(a1,a2,a3)+β(b1,b2,b3)+γ(0,0,0)=(0,0,0)⇒(αa1,αa2,αa3)+(βb1,βb2,bβ3)+(0,0,0)=(0,0,0)⇒(αa1+βb1,αa2+βb2,αa3+ββ3)=(0,0,0)⇒αa1+βb1=0…(1)αa2+βb2=0…(2)αa3+βb3=0… (3) (1) व (2) सेः
αa1+βb1+0γ=0⋯(1)αa2+βb2+0γ=0⋯(2)0α=0β=a1b2−b1a2γα=0,β=0γ=k(a1b2−b1a2)=0 अतः v1,v2,v3 एकघाततः आश्रित हैं। Example:3.यदि सदिश समष्टि V(F) के दो सदिश v1,v2 तथा α,β∈F हैं तो सिद्ध करो कि समुच्चय {v1,v2,αv1+βv2} एकघाततः परतन्त्र हैं। (If v1,v2 are vector space V(F) and α,β∈F, show that the set {v1,v2,αv1+βv2} is LD)
Solution:- α,β∈Fαv1+βv2+γ(αv1+βv2)=0⇒αv1+βv2+αγv1+βγv2=0⇒(1+γ)αv1+(1+γ)βv2=0⇒(1+γ)(αv1+βv2)=0⇒1+γ=0,αv1+βv2=0⇒γ=−1 अतः एकघाततः परतन्त्र है। Example:4.प्रदर्शित कीजिए कि बहुपदों के सदिश समष्टि V(R) में (Show that in the polynomial vector space V(R)) Example:4(i). 1+x+2x2,2−x+x2,−4+5x+x2 एकघाततः परतन्त्र हैं।(are LD) Solution:माना v1=1+x+2x2,v2=2−x+x2,v3=−4+5x+x2αv1+βv2+γv3=0⇒α(1+x+2x2)+β(2−x+x2)+γ(−4+5x+x2)=0⇒α+αx+2αx2+2β−βx+βx2−4γ+5γx+γx2=0⇒(2α+β+γ)x2+(α−β+5γ)x+α+2β−4γ=0⋅x2+0⋅x+0 दोनों पक्षों की तुलना करने परः
2α+β+γ=0⋯(1)α−β+5γ=0⋯(2)α+2β−4γ=0…(3) (1) व (2) को जोड़ने परः
3α+6γ=0⇒2+2γ=0…(4) (2) को 2 से गुणा करने परः
2α−2β+10γ=0⋯(5) (3) व (5) को जोड़ने परः
3α+6γ=0⇒α+2γ=0 माना α=2तोγ=−1 (1) सेः β=−3α=2,β=−3,γ=−1 अतः एकघाततः परतन्त्र है। Example:4(ii). 2x3+x2+x+1,x3+3x2+x−2,x3+2x2−x+3 एकघाततः स्वतन्त्र हैं।(are LI) Solution:माना v1=2x3+x2+x+1,v2=x3+3x2+x−2,v3=x3+2x2−x+3αv1+βv2+γv3=0⇒α(2x3+x2+x+1)+β(x3+3x2+x−2)+γ(x3+2x2−x+3)=0⇒2αx3+2x2+αx+α+βx3+3βx2+βx−2β+γxβ+2γx2−γx+3γ=0⇒(2α+β+γ)x3+(α+3β+2γ)x2+(α+β−γ)x+α−2β+3γ=0⋅x3+0⋅x2+0⋅x+0 दोनों पक्षों की तुलना करने परः
2α+β+γ=0⋯(1)α+3β+2γ=0⋯(2)α+β−γ=0⋯(3)α−2β+3γ=0⋯(4) समीकरण (2) को 2 से गुणा करने परः 2α+6β+4γ=0⋯(5)2α+β+γ=0⋯ ( 1) −−−घटानेपरः5β+3γ=0⋯6 समीकरण (3) को 2 से गुणा करने परः 2α+2β−2γ=0⋯(7)2α+β+γ=0⋯ (1) −−−घटानेपरः3β−3γ=0β+γ=0⋯(8)5β+5γ=0⋯(8)−5β+3γ=0⋯(6)−−घटानेपरः2γ=0β=0 (3) सेः α=0α=β=γ=0 अतः एकघाततः स्वतन्त्र है। Example:4(iii).1,x,1+x,x2 एकघाततः परतन्त्र हैं।(are LD) Solution:माना v1=1,v2=x,v3=1+x1,v4=x2α1v1+α2v2+α3v3+α4v14=0⇒α11+α2x+α3(1+x)+α4x2=0⇒α1+α2x+α3+α3x+α4x2=0⇒α4x2+(α2+α3)x+α1+α3=0⋅x2+0⋅x+0 दोनों पक्षों की तुलना करने परः
α4=0…(1)α2+α3=0…(2)α1+α3=0…(3)(2)व(3)सेः0⋅α1+α2+α3=0α1+0⋅α2+α3=01−0α1=1−0α2=0−1α3⇒1α1=1α2=−1α3α1=k1α2=k,α3=−k k को वास्तविक संख्या मानने पर हम अनन्त α1,α2,α3 ज्ञात कर सकते हैं,यदि k=1 लें तब α1=1,α2=1,α3=−1 अर्थात् सदिश v_1, v_2, v_3[/katex] एकघाततः परतन्त्र हैं। Example:4(iv).1,x,x−x2 एकघाततः स्वतन्त्र हैं।(are LI) Solution:माना v1=1,v2=x,v3=x−x2α1v1+α2v2+α3v3=0⇒α1(1)+α2x+α3(x−x2)=0⇒α1+α2x+α3x−α3x2=0⇒−α3x2+(α2+α3)x+α1=0⋅x2+0⋅x+0 दोनों पक्षों की तुलना करने परः
−α3=0…(1)α2+α3=0⋯(2)α1=0⋯(3) (1),(2) व (3) सेः
α1=α2=α3=0 अतः सदिश v1,v2,v3 एकघाततः स्वतन्त्र हैं।
Example:5.यदि सदिश समष्टि V(F) के सदिश x,y,z तथा u इस प्रकार से परिभाषित किये जाएं कि x(t)=1,y(t)=t, z(t)=t2 तथा u(t)=1+t+t2 तो सिद्ध कीजिए कि x,y,z और u एकघाततः परतन्त्र हैं,किंतु इनमें से कोई तीन एकघाततः स्वतन्त्र होते हैं। (If the vectors x,y,z and u in vector space V(F) are defined by x(t)=1,y(t)=t , z(t)=t2 and u(t)=1+t+t2, prove that x,y,z and u are LD but any of three of them are LI) Solution:माना αx(t)+βy(t)+γz(t)+δu(t)=0⇒α(1)+βt+γt2+δ(1+t+t2)=0⇒α+βt+γt2+δ+δt+δt2=0⇒(γ+δ)t2+(β+δ)t+α+δ=0⋅t2+0⋅t+0 दोनों पक्षों की तुलना करने परः
x+δ=0⋯(1)β+δ=0⋯(2)α+δ=0⋯(3) (1) में से (2) घटाने परः
−β+γ=0⇒0⋅α−β+γ=0⋯(4) (2) में से (3) घटाने परः
−α+β=0⇒−α+β+0⋅γ=0⋯(5)
(4) व (5) सेः
0−1α=−1−0β=0−1γ⇒1α=1β=1r⇒α=k,β=k,γ=k तथा δ=−k k को वास्तविक संख्या मानने पर हम अनन्त α,β,γ,δ ज्ञात कर सकते हैं यदि k=1 लें तब α=1,β=1,γ=1,δ=−1 अर्थात् सदिश x(t),y(t),z(t) तथा u(t) एकघाततः परतन्त्र हैं। अब हम सिद्ध करेंगे कि x(t),y(t),z(t) एकघाततः स्वतन्त्र हैं। माना αx(t)+βy(t)+γz(t)=0⇒α(1)+β(t)+γt2=0⇒α+βt+γt2=0⋅t2+0⋅t+0 दोनों पक्षों की तुलना करने परः
α=β=γ=0 अतः x(t),y(t),z(t) एकघाततः स्वतन्त्र हैं। इसी प्रकार कोई भी तीन सदिश लेकर एकघाततः स्वतन्त्र सिद्ध कर सकते हैं। Example:6.यदि सदिश समष्टि V(F) में v1,v2,…,vm∈V तथा α1,α2,…αm∈F इस प्रकार हैं कि समुच्चय {v2+α2v1,v3+α3v1,…,vm+αmv1} एकघाततः परतन्त्र हैं तो सिद्ध कीजिए कि समुच्चय {v1,v2,…,vm} भी एकघाततः परतन्त्र हैं। (If in a vector space V(F), v1,v2,…,vm∈Vandα1,α2,…αm∈F such that the set {v2+α2v1,v3+α3v1,…,vm+αmv1} is LD then prove that the set {v1,v2,…,vm} is also LD) Solution: β1w1+β2w2+β3w3+⋯+βmwm=0⇒β1(v2+α2v1)+β2(v3+α3v1)+β3(v4+α4v1)+……+βm(vm+αmv1)=0⇒(β1v2+β2v3+β3v4+⋯+βmvm)+(β1α2+β2α3+β3α4+……+βmαm)v1=0 जो कि {v1,v2,…,vm} का एकघाततः संचय है। यदि β1,β2,β3…βnव β2α2+β2α3+β3α4+……+βmαm सभी शून्य नहीं है तो स्पष्टतः {v1,v2,…,vm} एकघाततः परतन्त्र हैं। Example:7.यदि सदिश (0,1,0),(1,0,1),(a,1,0)∈V3(R) रैखिक आश्रित हो तो a का मान ज्ञात कीजिए। (If the vectors (0,1,0),(1,0,1),(a,1,0)∈V3(R) are LD, then find the value of a.) Solution:(0,1,0),(1,0,1),(a,1,0)∈V3(R) एकघाततः परतन्त्र हैं तो
α(0,a,a)+β(1,a,1)+γ(a,1,0)=0⇒(0,α,αa)+(β,βa,β)+(γa,γ,0)=0⇒(β+γa,α+βa,+,αa+β)=(0,0,0)β+γa=0…(1)α+βa+γ=0…(2)αa+β=0…(3) (2) को a से गुणा करने परः
αa+βa2+γa=0…(4)β+γa=0…(1)−−घटानेपरαa+βa2−β=0⋯(5)αa+(a2−1)β=0⋯(5)αa+β=0⋯(3)−−घटानेपर(a2−1−1)β=0a2−2=0⇒a=±2 Example:8.सदिश समष्टि के निम्न सदिशों की LI या LD की जाँच कीजिए
α1=(−1,2,1);α2=(3,0,−1);α3=(−5,4,3) (Examine the following vectors of for LI or LD)
α1=(−1,2,1);α2=(3,0,−1);α3=(−5,4,3) Solution:माना β1α1+β2α2+β3α3=0⇒β1(−1,2,1)+β2(3,0,−1)+β3(−5,4,3)=0⇒(−β1+3β2−5β3,2β1+4β3,β1−β2+3β3)=(0,0,0)⇒−β1+3β2−5β3=0…(1)2β1+4β3=0⋯(2)β1−β2+3β3=0…(3)−β1+β3β2−5β3=0β1−β2+3β3=0−5β1=−5+3β2=1−3β3⇒4β1=−2β2=−2β3⇒2β1=−1β2=−1β3β1=2k,β2=−k,β3=−k k को वास्तविक संख्या मानने पर हम अनन्त β1,β2,β3 ज्ञात कर सकते हैं,यदि k=1 लें तब β1=2,β2=−1,β3=−1 अर्थात् सदिश α1,α2,α3 एकघाततः परतन्त्र हैं। Example:9.सिद्ध कीजिए कि सदिशों के LD समुच्चय का अधिसमुच्चय भी LD होता है। (Prove that any superset of a LD set of vectors is also LD) Solution:मान लो S={v1,v2,v3,…,vn} का अधिसमुच्चय S1={v1,v2,v3…vn,vn+1,…vm} है तथा सदिश समष्टि V(F) के सदिशों का एकघाततः आश्रित समुच्चय है तब फील्ड F के ऐसे अवयव α1,α2,α3,,α4 विद्यमान होंगे कि
α1v1+α2v2+……+αnvn=0 S एकघाततः परतन्त्र है इसलिए αi{i=1,2,3,⋯n} शून्य नहीं है माना \alpha_{k} \neq 0[/katex] तब अधिसमुच्चय S, को एकघाततः संचय के रूप में व्यक्त करने परः
α1v1+α2v2+⋯+αnvn+αn+1vn+1+⋯+αmvm=0…(1)α1,α2,α3……αn में कम से कम एक अशून्य अवयव है अतः समीकरण (1) में विद्यमान होगा। फलतः अधिसमुच्चय भी एकघाततः परतन्त्र है।
3.रैखिक बीजगणित में एकघाती आश्रितता पर आधारित सवाल (Questions Based on Linear Dependence in Linear Algebra):
(1.)सिद्ध कीजिए कि 2×2 आकार के मैट्रिक्स की सदिश समष्टि M(R) में निम्न मैट्रिक्सों एकघाततः स्वतन्त्र हैंः (Prove that the following matrices in the vector space M(R) of all 2×2 matrices are LI):
v1=(1111),v2=(1001),v3=(1010) (2.)सिद्ध कीजिए कि V3(c) के चार सदिश v1=(1,0,0),v2=(0,1,0),v3=(0,0,1) तथा v_4=(1,1,1)[/katex] एकघाततः परतन्त्र समुच्चय बनाते हैं किन्तु इनमें से किन्हीं तीन के समुच्चय एकघाततः स्वतन्त्र होते हैं। (Prove that the four vectors v1=(1,0,0),v2=(0,1,0),v3=(0,0,1) and v4=(1,1,1) in form a LD set but any three of them are LI)
4.रैखिक बीजगणित में एकघाती आश्रितता (Frequently Asked Questions Related to Linear Dependence in Linear Algebra),एकघाती स्वतन्त्रता और एकघाती आश्रितता (Linear Independence and Linear Dependence) से सम्बन्धित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नः
प्रश्नः1.सदिशों का योग कैसे करें? (How to Addition of Vectors?):
उत्तरःयदि दो सदिश सम घटकीय पंक्ति (या स्तम्भ) सदिश हो तो उनका योग उसी आकार का एक सदिश होता है जिसके घटक दोनों सदिश के संगत घटकों को जोड़ने से प्राप्त होता है।उदाहरणार्थ यदि a=(a1,a2,…an);b=(b1,b2,b3;bn) a+b=(a1+b1,a2+b2,…an+bn)
प्रश्नः2.सदिश का एक अदिश से गुणन कैसे करते हैं? (How do We Multiply a Vector by a Scalar?):
उत्तरःएक सदिश a तथा एक अदिश का गुणन निम्न प्रकार परिभाषित करते हैंः λa=λ(a1,a2,⋯,an)=(λa1,λa2,…,λan)
प्रश्नः3.दो सदिशों का अदिश गुणन से क्या तात्पर्य है? (What is Meant by Scalar Product of two Vectors?):
उत्तरः a=(a1,a2,…an) तथा b=(b1,b2,⋯bn) का अदिश गुणन निम्न प्रकार संख्या होती है जिसे a.b से व्यक्त करते हैं तथा a⋅b=a1b1+a2b2+⋯+anbn उपर्युक्त प्रश्नों के उत्तर द्वारा रैखिक बीजगणित में एकघाती आश्रितता (Linear Dependence in Linear Algebra),एकघाती स्वतन्त्रता और एकघाती आश्रितता (Linear Independence and Linear Dependence) के बारे में ओर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
रैखिक बीजगणित में एकघाती आश्रितता (Linear Dependence in Linear Algebra) और एकघाती स्वतन्त्रता के बारे में अध्ययन करेंगे।इस आर्टिकल को पढ़ने से पूर्व रैखिक बीजगणित में
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I am owner of Mathematics Satyam website.I am satya narain kumawat from manoharpur district-jaipur (Rajasthan) India pin code-303104.My qualification -B.SC. B.ed. I have read about m.sc. books,psychology,philosophy,spiritual, vedic,religious,yoga,health and different many knowledgeable books.I have about 15 years teaching experience upto M.sc. ,M.com.,English and science.
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