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JEE MAINS Maths Archive

Equation of Line Passing Through Point

1.दिए हुए बिन्दु से गुजरने वाली रेखा की समीकरण (Equation of Line Passing Through Point),दिए हुए बिन्दु से गुजरने वाली एवं दी हुई सरल रेखा से निर्धारित कोण बनाने वाली रेखा का समीकरण (Equation of line passing through given point and making certain angle with given line)- इस आर्टिकल में दिए हुए बिन्दु से गुजरने

Derivative of Logarithmic Functions

1.लघुगुणकीय फलनों के अवकलज (Derivative of Logarithmic Functions),लघुगुणकीय अवकलन (Logarithmic Differentiation)- प्रारम्भिक फलन y=f(x) के लघुगुणकीय अवकलन को लघुगुणकीय फलनों के अवकलज (Derivative of Logarithmic Functions) कहा जाता है।यह अवकलन विधि चर-घातांकीय फलनों को प्रभावी ढ़ंग से ज्ञात करने में सहायक है।जब फलन चर-घातांकीय रूप में हो तब ऐसे फलन का अवकलन ज्ञात करने के

Line Passing Through Two Points Equation

1.दो बिंदुओं से गुजरने वाली रेखा की समीकरण (Line Passing Through Two Points Equation),एक बिन्दु से गुजरने वाली रेखा का समीकरण (Straight Line Passing Through One Point Equation)- दो बिंदुओं से गुजरने वाली रेखा की समीकरण (Line Passing Through Two Points Equation) ज्ञात करने से पूर्व सरल रेखा के व्यापक समीकरण का मानक रूपों में

Tangents and Normals

1.स्पर्श रेखाएं और अभिलम्ब (Tangents and Normals)- स्पर्श रेखाएं और अभिलम्ब में स्पर्शरेखा(Tangents and Normals) वह सरल रेखा है जो किसी दिए गए बिंदु पर वक्र को स्पर्श करती है। अभिलम्ब ऐसी सरल रेखा है जो स्पर्शरेखा के लंबवत है।यहां हम अवकलन के प्रयोग से किसु दिए गए वक्र के किसी बिन्दु पर स्पर्शरेखा तथा

Equation of Straight Lines

1.सरल रेखा का समीकरण (Equation of Straight Lines)- सरल रेखा का समीकरण (Equation of Straight Lines) में (1.) सरल रेखा (Straight Line)-सरल रेखा एक चर बिंदु का बिंदुपथ है जिस पर किन्हीं दो बिंदुओं को सीधे मिलाने पर बिंदुपथ के अन्य सभी बिंदु भी इस पर स्थित हो।(2.)सरल रेखा का समीकरण (Equation of Straight Lines)-एक

Differentiation

1.अवकलन (Differentiation),कक्षा 12 में अवकलन (Differentiation class 12)- अवकलन (Differentiation) की कई विधियों के द्वारा हम समझ चुके हैं।इस आर्टिकल में कुछ उदाहरणों के अवकलन को ओर समझेंगे। इसमें अवकलज का श्रृंखला नियम,दो फलनों के गुणनफल का अवकलज तथा दो फलनों के भागफल का अवकलज के द्वारा अवकलन ज्ञात करना सीखेंगे।आपको यह जानकारी रोचक व

Differentiability

1.अवकलनीयता (Differentiability),अवकलनीयता तथा सांतत्यता (Differentiability and Continuity)- अवकलनीयता (Differentiability) को हम एक विशेष सीमा प्रक्रिया के प्रयोग से ज्ञात करने की विधि का अध्ययन करेंगे।यदि वक्र का समीकरण y=f(x) है तब फलन f(x) इस वक्र के किसी बिन्दु x=a पर अवकलनीय कहलाता है यदि वक्र के इस बिन्दु पर स्पर्श रेखा खींची जा सके।यदि बिन्दु

Sum of Series by Difference Method

1.अन्तर विधि से श्रेणी का योगफल (Sum of Series by Difference Method)- अन्तर विधि से श्रेणी का योगफल (Sum of Series by Difference Method) गुणोत्तर श्रेढ़ी के पद युग्मों के अंतर वाली श्रेणी में प्रयोग किया जाता है अर्थात् यदि किसी श्रेणी में क्रमागत युग्मों का अंतर गुणोत्तर श्रेढ़ी में हो ऐसी श्रेणी का योगफल

Height and Distance in Trigonometry

1.त्रिकोणमिति में ऊँचाई और दूरी (Height and Distance in Trigonometry)- त्रिकोणमिति में ऊँचाई और दूरी (Height and Distance in Trigonometry) का अध्ययन करने के लिए त्रिकोणमिति सर्वसमिकाओं और कुछ विशेष कोणों के लिए त्रिकोणमितीय अनुपातों का अध्ययन आवश्यक है।इस आर्टिकल में त्रिकोणमितीय परिणामों का प्रयोग कर ऊंचाई एवं दूरी पर आधारित सरल समस्याओं के बारे

Differentiability and Continuity

1.अवकलनीयता और सांतत्य (Differentiability and Continuity)- अवकलनीयता और सांतत्य (Differentiability and Continuity) से पूर्व सीमा का अध्ययन करना आवश्यक है।पूर्व आर्टिकल में हम सीमा का अध्ययन कर चुके हैं।यहां हम सीमा की सहायता से संतत फलनों का अध्ययन करेंगे।(1.)सांतत्य की कोशी परिभाषा (Cauchy’s Definition of Continuity)-कोई फलन f(x) इसके प्रान्त D के किसी बिन्दु a